भाल पे चंद्रमा लिरिक्स | Bhaal Pe Chandrama Lyrics

भजन को शेयर जरूर करें-:
Bhaal Pe Chandrama Lyrics, भाल पे चंद्रमा लिरिक्स

भाल पे चंद्रमा लिरिक्स (Bhaal Pe Chandrama Lyrics)

इसे लेहरा के गंगा जटा से बही,
दृश्य ऐसा हुआ है ना होगा कही,
मानो ऐसा लगा जैसे बरसी घटा,
देख के ये छटा तो मजा आ गया…

भाल पे चंद्रमा कंठ में नील माँ,
देखा जोगी जो ऐसा मजा आ गया,
मनो ऐसा लगा जैसे बरसी घटा
देख के ये छटा तो मजा आ गया…

नाग विष धर गले में लवटे हुए,
सारी सृष्टि स्वयं पे समेटे हुए,
त्रि नैन में वसा त्रिववं का नशा,
इसमें जो डूबा मजा आ गया,
भाल पे, चंद्रमा कंठ में नील माँ…

प्रकृति और पुरष गोरी शंकर बने,
हुए जब एक अरधनैश्वर बने,
आधा तन गोरी का आधा तन भोले का,
देख अद्भुत नजारा मजा आ गया,
भाल पे चन्दर माँ कंठ में नील माँ…

शिव जी के अन्य भजन (Shiv Bhajan Lyrics)
तांबे के लोटे में घोटी जो भांगॐ नमः शिवाय लिरिक्स
सुनो न प्राथना मेरी हे भोलेशिव शंकर मेरा प्यारा लिरिक्स
तू हर हर बम बम बोलमेरी छोटी सी गौरा बनेगी
Shiv Bhajan Lyrics Video !

अन्य भजन के लिए लॉगिन करें – hindibhajanlyrics.in

भजन को शेयर जरूर करें-: